आध्यात्मिक जागृति

हमारी आध्यात्मिक जागृति की कुंजी, हमारे पुनरुत्थान के लिए आवश्यक आंतरिक कार्य, सचेत सूक्ष्म प्रक्षेपण की तकनीक है, जो हमें पांचवें आयाम की खोज करने की अनुमति देती है, और जिस तकनीक को अहंकार की मृत्यु के रूप में जाना जाता है, जिससे हम हमारे सभी दोष, कमजोरी और बुराई, व् हमारे दुर्भाग्य और हमारी चेतना की सुषुप्तावस्था का जो अंतिम कारण है - उन सभी को खत्म कर सकते है।

लेखक के बारे में

V.M. Rabolú
वि.एम. राबोलू (1926 – 2000)

वी. एम. राबोलू का जन्म तोलिमा (कोलंबिया) में हुआ था। 1952 में उन्होंने सच्चा ज्ञान पाया और लंबे समय तक गूढ़ अभ्यास के माध्यम से उन्होंने असाधारण संकायों को विकसित किया, जिससे अंततः वह एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक में परिवर्तित हुए, जो दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध है।

उस भविष्य से वाकिफ होकर जो हमारा इंतजार कर रहा है, वह हमेशा मानवता को अपने आध्यात्मिक उत्थान के सूत्र सिखाने के लिए समर्पित थे। इस प्रकार, 70 के दशक से और हमेशा के लिए एक परोपकारी और निःस्वार्थ तरीके से, उन्होंने व्याख्यान, पाठ्यक्रम, कांग्रेस आदि के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सच्चे ज्ञान के सार्वजनिक प्रसार का अथक कार्य शुरू किया।

1998 में उन्होंने “हर्कोलुबस या रेड प्लेनेट” लिखी, उनके प्रत्यक्ष और सचेत अनुभव के आधार पर, वी.एम. राबोलू छोटी अवधि में हमारे ग्रह पर होने वाली भयानक घटनाओं का वर्णन करते हैं और एक गहन परिवर्तन पाने के लिए मनुष्य जिस मार्ग का अनुसरण कर सकता है, उसे समझाते हैं। आजकल, उनके काम में निहित बयानों को बड़ी संख्या में पाठकों द्वारा मान्यता प्राप्त है, जिन्होंने 80 से अधिक देशों में उनकी शिक्षाओं से लाभ उठाया है।

वि.एम. राबोलू जागृत चेतना वाले उन बहुत ही दुर्लभ लोगों में से एक थे। उनकी शिक्षाएं इन समयों में आवश्यक हैं जब भौतिकता और मूल्यों की कमी तेजी से लुप्त हो रहे समाज के विशिष्ट लक्षण बन गए हैं।

“मैं आपको डरा नहीं रहा हूँ; मैं एक ऐसा इंसान हूं जो आने वाली चीजों और होने जा रही चीजों के बारे में चेतावनी दे रहा हूँ”।

वी. एम. राबोलू